हेमपुष्पा सिरप की जानकारी
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे हेमपुष्पा सिरप के बारे में जो एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसे खासकर से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बनाया गया है। इसका उपयोग शरीर हार्मोनल संतुलन बनाये रखने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न जड़ी बूटियों से मिलकर बना होता जिनके बारे में नीचे बताया गया है।

हेमपुष्पा सिरप के मुख्य खटक :-
- लोध्र :- महिलाओं के गर्भाशय संबंधी विकारों, मासिक धर्म में (अनियमितता, अतिस्राव) और गर्भाशय को शांत, रक्त संचार सुधारना आदि।
- मंजीठा :- रक्त को शुद्ध करता है और त्वचा संबंधी व चक्क्तेदार विकारों को नष्ट करने में सहायक है।
- अनंतमूल :- यह पाचन व मूत्र संबंधी विकारों को ठीक करने में सहायक जैसे- भूँख न लगना, अपचन, मूत्र में जलन आदि।
- शंखपुष्पी :- यह मस्तिष्क वर्धक जड़ी-बूटी मानी जाती है जैसे- मानसिक थकान जैसी स्थतियों में सहायक।
- बला :- यह जड़ी-बूटी शरीर में थकान, कमजोरी और मांसपेसियों को मजबूत बनाने काम करती है।
- अश्वगंधा :- थकान, अनिद्रा-तनाव, कमजोरी, हार्मोनल असंतुलन को स्थिर करने में सहायक।
- गोखरू :- पेशाब करने में कोई समस्या, गुप्तांग स्वास्थ्य में कोई परेशानी को ठीक करने में सहायक।
- शतावरी :- गर्भाशय स्वास्थ्य को सुधारकर मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित कर हार्मोनल असंतुलन को ठीक करता है।
- नागमोर्था :- पेट-दर्द, ऐठन, गैस, पाचन जैसी समस्याओं को ठीक करता है।
- मुलैठी :- भूंख बढ़ाने व् पाचन सुधारने में सहायक।
नोट :- इसमें केवल कुछ घटकों के बारे में बताया गया हैं आपको हेमपुष्पा सिरप की बोतल पर और भी अन्य जड़ी बूटियाँ देखने को मिलेंगी।
हेमपुष्पा सिरप के लाभ
हेमपुष्पा बिना डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है जो मुख्यतः असंतुलन हार्मोन के इलाज करने में उपयोग आता है। इसका उपयोग और भी कई सारी समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। जिनके बारे में नीचे बताया गया है।
- हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance)
- मासिक धर्म से जुडी समस्याएँ (Menstrual problems)
- मासिक धर्म में पेट दर्द, कमर दर या ऐंठन (Abdominal pain, back pain, or cramps during menstruation)
- सामान्य कमजोरी (General weakness)
- भूंख न लगना (loss of appetite)
- मूत्र मार्ग सम्बन्धी जलन (Urinary tract irritation)
हेमपुष्पा सिरप की खुराक – Dose
यह अधिकतर मामलों दी जाने हेमपुष्पा की खुराक है कृपया ध्यान रहे की हर मरीज व् उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए मरीज की उम्र, लिंग व् स्वास्थ्य सम्बन्धी पिछली समस्याओं में जानने के बाद ही निर्धारित की जाती है।
- हेमपुष्पा की खुराक व्यस्क महिलाओं के लिए :- 7 मि.ली सुबह शाम खाना खाने के बाद या चिकित्सक के पर्मानुसार।
हेमपुष्पा सिरप के दुष्प्रभाव- Side effects
हेमपुष्पा syrup एक आयुर्वेदिक टॉनिक है। आमतौर पर इसे सुरक्षित माना गया है लेकिन कुछ लोगों में कुछ खटकों के कारण हल्के दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं यह दुष्प्रभाव नीचे दिय गए हैं।
- पेट में गडबडी (Upset stomach)
- गैस (Gas)
- उल्टी या मतली जैसा महसूस होना (Feeling like vomiting or nausea)
- एलर्जी (Allergies)
- ब्लड शुगर पर असर (Effect on blood sugar)
- हार्मोनल असर (Hormonal effect)
- नींद या सुस्ती (Sleep or lethargy)
हेमपुष्पा सिरप से जुडी चेतावनी
- क्या हेमपुष्पा syrup गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है ?
- हेमपुष्पा syrup का प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर सुरक्षित होता है।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर हेमपुष्पा syrup का क्या असर होता है ?
- स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए हेमपुष्पा syrup सुरक्षित माना गया है।
- क्या हेमपुष्पा का लिवर पर प्रभाव पड़ता है ?
- हेमपुष्पा syrup का लिवर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।
- क्या किडनी के लिए हेमपुष्पा सिरप नुकसानदायक तो नहीं ?
- हेमपुष्पा सिरप किडनी को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता।
- क्या हेमपुष्पा शरीर को सुस्त कर देता है ?
- जी नहीं हेमपुष्पा शरीर को सुस्त नहीं करता है। आप हेमपुष्पा सिरप की जानकारी, लाभ व् नुकसान Best 170ml इस्तेमाल करने के ड्राइविंग या किसी भी मशीन पर काम कर सकते हैं।
कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
- हमेशा खाना खाने के बाद और पानी के साथ लें।
- निर्धारित मात्रा जैसे -: 7ML दिन दो बार से अधिक न लें।
- हेमपुष्पा को लगातार कई हफ़्तों लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
- अगर आपको कोई भी असुविधा हो जैसे :- खुजली, पेट दर्द या मितली, चक्कर महसूस हो तो दवाई का सेवन बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें।